महाभारत 6.2.4
व्यास उवाच · vyāsa uvāca
राजन्परीतकालास्ते पुत्राश्चान्ये च भूमिपाःते हनिष्यन्ति संग्रामे समासाद्येतरेतरम्
rājanparītakālāste putrāścānye ca bhūmipāḥte haniṣyanti saṃgrāme samāsādyetaretaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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