महाभारत 6.59.9
तस्मिन्सुतुमुले घोरे काले परमदारुणेभ्रातरश्चैव पुत्राश्च धृष्टद्युम्नश्च पार्षतः
tasminsutumule ghore kāle paramadāruṇebhrātaraścaiva putrāśca dhṛṣṭadyumnaśca pārṣataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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