महाभारत 6.60.39
अभिमन्युमुखास्तत्र नामृष्यन्त महारथाःभीमस्याच्छादनं संख्ये स्वबाहुबलमाश्रिताः
abhimanyumukhāstatra nāmṛṣyanta mahārathāḥbhīmasyācchādanaṃ saṃkhye svabāhubalamāśritāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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