महाभारत 6.90.6
तथा विमनसं दृष्ट्वा भीमसेनं घटोत्कचःक्रोधेनाभिप्रजज्वाल दिधक्षन्निव पावकः
tathā vimanasaṃ dṛṣṭvā bhīmasenaṃ ghaṭotkacaḥkrodhenābhiprajajvāla didhakṣanniva pāvakaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें