महाभारत 7.140.12
भैमसेनिमथायान्तं मायाशतविशारदम्अश्वत्थामा पितुर्मानं कुर्वाणः प्रत्यषेधयत्
bhaimasenimathāyāntaṃ māyāśataviśāradamaśvatthāmā piturmānaṃ kurvāṇaḥ pratyaṣedhayat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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