महाभारत 7.158.11
कर्णश्च मम पुत्राश्च सर्वे चान्ये च पार्थिवाःअनेन दुष्प्रणीतेन गता वैवस्वतक्षयम्
karṇaśca mama putrāśca sarve cānye ca pārthivāḥanena duṣpraṇītena gatā vaivasvatakṣayam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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