महाभारत 7.166.25
तदिदं पार्षतेनेह महदाधर्मिकं कृतम्अवज्ञाय च मां नूनं नृशंसेन दुरात्मना
tadidaṃ pārṣateneha mahadādharmikaṃ kṛtamavajñāya ca māṃ nūnaṃ nṛśaṃsena durātmanā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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