महाभारत 7.166.43
नारायणाय मे पित्रा प्रणम्य विधिपूर्वकम्उपहारः पुरा दत्तो ब्रह्मरूप उपस्थिते
nārāyaṇāya me pitrā praṇamya vidhipūrvakamupahāraḥ purā datto brahmarūpa upasthite
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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