महाभारत 7.167.49
स मया राज्यकामेन हन्यमानोऽप्युपेक्षितःतस्मादवाक्शिरा राजन्प्राप्तोऽस्मि नरकं विभो
sa mayā rājyakāmena hanyamāno'pyupekṣitaḥtasmādavākśirā rājanprāpto'smi narakaṃ vibho
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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