महाभारत 7.4.7
तत्र तत्र च संग्रामे दुर्योधनहितैषिणाबहवश्च जिता वीरास्त्वया कर्ण महौजसा
tatra tatra ca saṃgrāme duryodhanahitaiṣiṇābahavaśca jitā vīrāstvayā karṇa mahaujasā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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