महाभारत 7.41.19
तस्य ज्यातलघोषेण क्षत्रियान्भयमाविशत्परांस्तु तव सैन्यस्य हर्षः परमकोऽभवत्
tasya jyātalaghoṣeṇa kṣatriyānbhayamāviśatparāṃstu tava sainyasya harṣaḥ paramako'bhavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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