महाभारत 7.7.3
तत्रैनमर्जुनश्चैव पार्षतश्च सहानुगःपर्यगृह्णंस्ततः सर्वे समायान्तं महारथाः
tatrainamarjunaścaiva pārṣataśca sahānugaḥparyagṛhṇaṃstataḥ sarve samāyāntaṃ mahārathāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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