महाभारत 7.76.15मिथश्च समभाषेतामभीतौ भयवर्धनौजयद्रथवधे वाचस्तास्ताः कृष्णधनंजयौmithaśca samabhāṣetāmabhītau bhayavardhanaujayadrathavadhe vācastāstāḥ kṛṣṇadhanaṃjayauइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें