महाभारत 8.16.34
नरांश्च नागांश्च रथान्हयान्ममृदुराहवेअश्वारोहैर्हताः शूराश्छिन्नहस्ताश्च दन्तिनः
narāṃśca nāgāṃśca rathānhayānmamṛdurāhaveaśvārohairhatāḥ śūrāśchinnahastāśca dantinaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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