महाभारत 8.41.2
कर्णं पश्य महारङ्गे ज्वलन्तमिव पावकम्असौ भीमो महेष्वासः संनिवृत्तो रणं प्रति
karṇaṃ paśya mahāraṅge jvalantamiva pāvakamasau bhīmo maheṣvāsaḥ saṃnivṛtto raṇaṃ prati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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