महाभारत 8.43.23
न केतुर्दृश्यते राज्ञः कर्णेन निहतः शरैःपश्यतोर्यमयोः पार्थ सात्यकेश्च शिखण्डिनः
na keturdṛśyate rājñaḥ karṇena nihataḥ śaraiḥpaśyatoryamayoḥ pārtha sātyakeśca śikhaṇḍinaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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