महाभारत 8.59.41
ताञ्शोणितपरिक्लिन्नान्विषमस्थाञ्शरातुरान्मा भैष्टेत्यब्रवीत्कर्णो ह्यभितो मामितेति च
tāñśoṇitapariklinnānviṣamasthāñśarāturānmā bhaiṣṭetyabravītkarṇo hyabhito māmiteti ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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