महाभारत 8.59.8
शक्त्यृष्टितोमरप्रासैर्गदानिस्त्रिंशसायकैःप्राच्छादयन्महेष्वासाः कुरवः कुरुनन्दनम्
śaktyṛṣṭitomaraprāsairgadānistriṃśasāyakaiḥprācchādayanmaheṣvāsāḥ kuravaḥ kurunandanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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