महाभारत 9.2.15
ननु नामाहमश्रौषं वचनं तव पुत्रकभूयसी मम पृथ्वीयं यथा पार्थस्य नो तथा
nanu nāmāhamaśrauṣaṃ vacanaṃ tava putrakabhūyasī mama pṛthvīyaṃ yathā pārthasya no tathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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