महाभारत 9.2.38राजानो राजपुत्राश्च शूराः परिघबाहवःनिहता बहवो यत्र किमन्यद्भागधेयतःrājāno rājaputrāśca śūrāḥ parighabāhavaḥnihatā bahavo yatra kimanyadbhāgadheyataḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें