महाभारत 9.2.40
पुत्राश्च मे विनिहताः पौत्राश्चैव महाबलाःवयस्या भ्रातरश्चैव किमन्यद्भागधेयतः
putrāśca me vinihatāḥ pautrāścaiva mahābalāḥvayasyā bhrātaraścaiva kimanyadbhāgadheyataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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