महाभारत 9.33.6
ततो युधिष्ठिरो राजा परिष्वज्य हलायुधम्स्वागतं कुशलं चास्मै पर्यपृच्छद्यथातथम्
tato yudhiṣṭhiro rājā pariṣvajya halāyudhamsvāgataṃ kuśalaṃ cāsmai paryapṛcchadyathātatham
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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