महाभारत 9.39.15
एवमुक्तः प्रत्युवाच ततो गाधिः प्रजास्तदाविश्वस्य जगतो गोप्ता भविष्यति सुतो मम
evamuktaḥ pratyuvāca tato gādhiḥ prajāstadāviśvasya jagato goptā bhaviṣyati suto mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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