महाभारत 9.47.40
ततः संदर्शयामास स्वरूपं भगवान्हरःततोऽब्रवीत्तदा तेभ्यस्तस्यास्तच्चरितं महत्
tataḥ saṃdarśayāmāsa svarūpaṃ bhagavānharaḥtato'bravīttadā tebhyastasyāstaccaritaṃ mahat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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