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ऋग्वेद 1.12.4
ताँ उ॑श॒तो वि बो॑धय॒ यद॑ग्ने॒ यासि॑ दू॒त्य॑म् ।दे॒वैरा स॑त्सि ब॒र्हिषि॑॥
tām̐ uśato vi bodhaya yadagne yāsi dūtyam |devairā satsi barhiṣi ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंताँ उ॑श॒तो वि बो॑धय॒ यद॑ग्ने॒ यासि॑ दू॒त्य॑म् ।दे॒वैरा स॑त्सि ब॒र्हिषि॑॥
tām̐ uśato vi bodhaya yadagne yāsi dūtyam |devairā satsi barhiṣi ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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