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ऋग्वेद 1.15.10
यत् त्वा॑ तु॒रीय॑मृ॒तुभि॒र्द्रवि॑णोदो॒ यजा॑महे ।अध॑ स्मा नो द॒दिर्भ॑व॥
yat tvā turīyamṛtubhirdraviṇodo yajāmahe |adha smā no dadirbhava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयत् त्वा॑ तु॒रीय॑मृ॒तुभि॒र्द्रवि॑णोदो॒ यजा॑महे ।अध॑ स्मा नो द॒दिर्भ॑व॥
yat tvā turīyamṛtubhirdraviṇodo yajāmahe |adha smā no dadirbhava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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