ऋग्वेद 1.164.19
ये अ॒र्वाञ्च॒स्ताँ उ॒ परा॑च आहु॒र्ये परा॑ञ्च॒स्ताँ उ॑ अ॒र्वाच॑ आहुः ।इन्द्र॑श्च॒ या च॒क्रथु॑: सोम॒ तानि॑ धु॒रा न यु॒क्ता रज॑सो वहन्ति॥
ye arvāñcastām̐ u parāca āhurye parāñcastām̐ u arvāca āhuḥ |indraśca yā cakrathu: soma tāni dhurā na yuktā rajaso vahanti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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