ऋग्वेद 1.24.11
॥तत्त्वा॑ यामि॒ ब्रह्म॑णा॒ वन्द॑मान॒स् तदा शा॑स्ते॒ यज॑मानो ह॒विर्भि॑: ।अहे॑ळमानो वरुणे॒ह बो॒ध्युरु॑शंस॒ मा न॒ आयु॒: प्र मो॑षीः॥
||tattvā yāmi brahmaṇā vandamānas tadā śāste yajamāno havirbhi: |aheḷamāno varuṇeha bodhyuruśaṃsa mā na āyu: pra moṣīḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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