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ऋग्वेद 1.43.8
मा न॑: सोमपरि॒बाधो॒ मारा॑तयो जुहुरन्त ।आ न॑ इन्दो॒ वाजे॑ भज॥
mā na: somaparibādho mārātayo juhuranta |ā na indo vāje bhaja ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंमा न॑: सोमपरि॒बाधो॒ मारा॑तयो जुहुरन्त ।आ न॑ इन्दो॒ वाजे॑ भज॥
mā na: somaparibādho mārātayo juhuranta |ā na indo vāje bhaja ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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