Loading
ऋग्वेद 1.5.10
मा नो॒ मर्ता॑ अ॒भि द्रु॑हन्त॒नूना॑मिन्द्र गिर्वणः।ईशा॑नो यवया व॒धम्॥
mā no martā abhi druhantanūnāmindra girvaṇaḥ |īśāno yavayā vadham ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंमा नो॒ मर्ता॑ अ॒भि द्रु॑हन्त॒नूना॑मिन्द्र गिर्वणः।ईशा॑नो यवया व॒धम्॥
mā no martā abhi druhantanūnāmindra girvaṇaḥ |īśāno yavayā vadham ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें