ऋग्वेद 1.54.9
तुभ्येदे॒ते ब॑हु॒ला अद्रि॑दुग्धाश्चमू॒षद॑श्चम॒सा इ॑न्द्र॒पाना॑: ।व्य॑श्नुहि त॒र्पया॒ काम॑मेषा॒मथा॒ मनो॑ वसु॒देया॑य कृष्व॥
tubhyedete bahulā adridugdhāścamūṣadaścamasā indrapānā: |vyaśnuhi tarpayā kāmameṣāmathā mano vasudeyāya kṛṣva ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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