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ऋग्वेद 1.79.11
यो नो॑ अग्नेऽभि॒दास॒त्यन्ति॑ दू॒रे प॑दी॒ष्ट सः ।अ॒स्माक॒मिद् वृ॒धे भ॑व॥
yo no agne'bhidāsatyanti dūre padīṣṭa saḥ |asmākamid vṛdhe bhava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयो नो॑ अग्नेऽभि॒दास॒त्यन्ति॑ दू॒रे प॑दी॒ष्ट सः ।अ॒स्माक॒मिद् वृ॒धे भ॑व॥
yo no agne'bhidāsatyanti dūre padīṣṭa saḥ |asmākamid vṛdhe bhava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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