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ऋग्वेद 1.84.15
अत्राह॒ गोर॑मन्वत॒ नाम॒ त्वष्टु॑रपी॒च्य॑म् ।इ॒त्था च॒न्द्रम॑सो गृ॒हे॥
atrāha goramanvata nāma tvaṣṭurapīcyam |itthā candramaso gṛhe ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअत्राह॒ गोर॑मन्वत॒ नाम॒ त्वष्टु॑रपी॒च्य॑म् ।इ॒त्था च॒न्द्रम॑सो गृ॒हे॥
atrāha goramanvata nāma tvaṣṭurapīcyam |itthā candramaso gṛhe ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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