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ऋग्वेद 10.119.11
दि॒वि मे॑ अ॒न्यः प॒क्षो॒३ऽधो अ॒न्यम॑चीकृषम् ।कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑॥
divi me anyaḥ pakṣo3'dho anyamacīkṛṣam |kuvitsomasyāpāmiti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंदि॒वि मे॑ अ॒न्यः प॒क्षो॒३ऽधो अ॒न्यम॑चीकृषम् ।कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑॥
divi me anyaḥ pakṣo3'dho anyamacīkṛṣam |kuvitsomasyāpāmiti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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