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ऋग्वेद 10.119.12
अ॒हम॑स्मि महाम॒हो॑ऽभिन॒भ्यमुदी॑षितः ।कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑॥
ahamasmi mahāmaho'bhinabhyamudīṣitaḥ |kuvitsomasyāpāmiti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअ॒हम॑स्मि महाम॒हो॑ऽभिन॒भ्यमुदी॑षितः ।कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑॥
ahamasmi mahāmaho'bhinabhyamudīṣitaḥ |kuvitsomasyāpāmiti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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