ऋग्वेद 8.12.23
म॒हान्तं॑ महि॒ना व॒यं स्तोमे॑भिर्हवन॒श्रुत॑म् ।अ॒र्कैर॒भि प्र णो॑नुम॒: समोज॑से॥
mahāntaṃ mahinā vayaṃ stomebhirhavanaśrutam |arkairabhi pra ṇonuma: samojase ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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