ऋग्वेद 8.20.26
विश्वं॒ पश्य॑न्तो बिभृथा त॒नूष्वा तेना॑ नो॒ अधि॑ वोचत ।क्ष॒मा रपो॑ मरुत॒ आतु॑रस्य न॒ इष्क॑र्ता॒ विह्रु॑तं॒ पुन॑:॥
viśvaṃ paśyanto bibhṛthā tanūṣvā tenā no adhi vocata |kṣamā rapo maruta āturasya na iṣkartā vihrutaṃ puna: ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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