ऋग्वेद 8.24.26
तमु॑ त्वा नू॒नमी॑महे॒ नव्यं॑ दंसिष्ठ॒ सन्य॑से ।स त्वं नो॒ विश्वा॑ अ॒भिमा॑तीः स॒क्षणि॑:॥
tamu tvā nūnamīmahe navyaṃ daṃsiṣṭha sanyase |sa tvaṃ no viśvā abhimātīḥ sakṣaṇi: ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें