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ऋग्वेद 8.26.17
यद॒दो दि॒वो अ॑र्ण॒व इ॒षो वा॒ मद॑थो गृ॒हे ।श्रु॒तमिन्मे॑ अमर्त्या॥
yadado divo arṇava iṣo vā madatho gṛhe |śrutaminme amartyā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयद॒दो दि॒वो अ॑र्ण॒व इ॒षो वा॒ मद॑थो गृ॒हे ।श्रु॒तमिन्मे॑ अमर्त्या॥
yadado divo arṇava iṣo vā madatho gṛhe |śrutaminme amartyā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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