ऋग्वेद 8.67.15
सोम॒ इद्व॑: सु॒तो अ॑स्तु॒ कल॑यो॒ मा बि॑भीतन ।अपेदे॒ष ध्व॒स्माय॑ति स्व॒यं घै॒षो अपा॑यति॥
soma idva: suto astu kalayo mā bibhītana |apedeṣa dhvasmāyati svayaṃ ghaiṣo apāyati ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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