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ऋग्वेद 8.68.9
त्वोता॑स॒स्त्वा यु॒जाऽप्सु सूर्ये॑ म॒हद्धन॑म् ।जये॑म पृ॒त्सु व॑ज्रिवः॥
tvotāsastvā yujā'psu sūrye mahaddhanam |jayema pṛtsu vajrivaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंत्वोता॑स॒स्त्वा यु॒जाऽप्सु सूर्ये॑ म॒हद्धन॑म् ।जये॑म पृ॒त्सु व॑ज्रिवः॥
tvotāsastvā yujā'psu sūrye mahaddhanam |jayema pṛtsu vajrivaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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