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ऋग्वेद 8.72.10
सि॒ञ्चन्ति॒ नम॑साव॒तमु॒च्चाच॑क्रं॒ परि॑ज्मानम् ।नी॒चीन॑बार॒मक्षि॑तम्॥
siñcanti namasāvatamuccācakraṃ parijmānam |nīcīnabāramakṣitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंसि॒ञ्चन्ति॒ नम॑साव॒तमु॒च्चाच॑क्रं॒ परि॑ज्मानम् ।नी॒चीन॑बार॒मक्षि॑तम्॥
siñcanti namasāvatamuccācakraṃ parijmānam |nīcīnabāramakṣitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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