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ऋग्वेद 8.75.15
पर॑स्या॒ अधि॑ सं॒वतोऽव॑राँ अ॒भ्या त॑र ।यत्रा॒हमस्मि॒ ताँ अ॑व॥
parasyā adhi saṃvato'varām̐ abhyā tara |yatrāhamasmi tām̐ ava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंपर॑स्या॒ अधि॑ सं॒वतोऽव॑राँ अ॒भ्या त॑र ।यत्रा॒हमस्मि॒ ताँ अ॑व॥
parasyā adhi saṃvato'varām̐ abhyā tara |yatrāhamasmi tām̐ ava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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