ऋग्वेद 8.9.15
यन्ना॑सत्या परा॒के अ॑र्वा॒के अस्ति॑ भेष॒जम् ।तेन॑ नू॒नं वि॑म॒दाय॑ प्रचेतसा छ॒र्दिर्व॒त्साय॑ यच्छतम्॥
yannāsatyā parāke arvāke asti bheṣajam |tena nūnaṃ vimadāya pracetasā chardirvatsāya yacchatam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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