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ऋग्वेद 9.64.10
इन्दु॑: पविष्ट॒ चेत॑नः प्रि॒यः क॑वी॒नां म॒ती ।सृ॒जदश्वं॑ र॒थीरि॑व॥
indu: paviṣṭa cetanaḥ priyaḥ kavīnāṃ matī |sṛjadaśvaṃ rathīriva ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंइन्दु॑: पविष्ट॒ चेत॑नः प्रि॒यः क॑वी॒नां म॒ती ।सृ॒जदश्वं॑ र॒थीरि॑व॥
indu: paviṣṭa cetanaḥ priyaḥ kavīnāṃ matī |sṛjadaśvaṃ rathīriva ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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