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ऋग्वेद 9.64.12
स नो॑ अर्ष प॒वित्र॒ आ मदो॒ यो दे॑व॒वीत॑मः ।इन्द॒विन्द्रा॑य पी॒तये॑॥
sa no arṣa pavitra ā mado yo devavītamaḥ |indavindrāya pītaye ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंस नो॑ अर्ष प॒वित्र॒ आ मदो॒ यो दे॑व॒वीत॑मः ।इन्द॒विन्द्रा॑य पी॒तये॑॥
sa no arṣa pavitra ā mado yo devavītamaḥ |indavindrāya pītaye ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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