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ऋग्वेद 9.65.21
इषं॑ तो॒काय॑ नो॒ दध॑द॒स्मभ्यं॑ सोम वि॒श्वत॑: ।आ प॑वस्व सह॒स्रिण॑म्॥
iṣaṃ tokāya no dadhadasmabhyaṃ soma viśvata: |ā pavasva sahasriṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंइषं॑ तो॒काय॑ नो॒ दध॑द॒स्मभ्यं॑ सोम वि॒श्वत॑: ।आ प॑वस्व सह॒स्रिण॑म्॥
iṣaṃ tokāya no dadhadasmabhyaṃ soma viśvata: |ā pavasva sahasriṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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