ऋग्वेद 9.97.14
र॒साय्य॒: पय॑सा॒ पिन्व॑मान ई॒रय॑न्नेषि॒ मधु॑मन्तमं॒शुम् ।पव॑मानः संत॒निमे॑षि कृ॒ण्वन्निन्द्रा॑य सोम परिषि॒च्यमा॑नः॥
rasāyya: payasā pinvamāna īrayanneṣi madhumantamaṃśum |pavamānaḥ saṃtanimeṣi kṛṇvannindrāya soma pariṣicyamānaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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