वाल्मीकि रामायण 2.15.1
ते तु ताम् रजनीम् उष्य ब्राह्मणा वेद पारगाः ।उपतस्थुर् उपस्थानम् सह राज पुरोहिताः॥
te tu tām rajanīm uṣya brāhmaṇā veda pāragāḥ |upatasthur upasthānam saha rāja purohitāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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