वाल्मीकि रामायण 2.32.26
इति उक्त्वा दुह्खितम् सर्वम् जनम् तम् उपजीविनम् ।उवाच इदम् धन ध्यक्षम् धनम् आनीयताम् इति॥
iti uktvā duhkhitam sarvam janam tam upajīvinam |uvāca idam dhana dhyakṣam dhanam ānīyatām iti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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